Hi Friends,

Even as I launch this today ( my 80th Birthday ), I realize that there is yet so much to say and do.

There is just no time to look back, no time to wonder,"Will anyone read these pages?"

With regards,
Hemen Parekh
27 June 2013

Saturday, 18 February 2017

कौन बादल के पीछे छिपी हो ?



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कल रात 
सपनो में आके 
कानो में क्यों कहा ,

" क्या मुझे मिलोगे ,
  दो पल ,
  अकेले में  ? "

फिर दिन भर 
तुम्हारे काले ज़ुल्फे जैसे ,

बादलो के पीछे 
तुम्हे ढूंढता रहा  !

कौन बादल  के पीछे 
छिपी हो ?

'गर 
मैं न खोज पाया तो ,
तुम तो मेरे दिल के 
अकेलेपन में 
जांख लेती  !

इस भरे जहां में 
अकेलापन लेके 
वहीँ बैठा हूँ  !

अब भी 
तुम्हारे आने की 
आहट की 
आश लगाए बैठा हूँ  !

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19  Feb  2017

Thursday, 9 February 2017

तो मेरा क्या होता ?



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क्यों मैंने आँखे चुराई  ? 

'गर तूने 
मेरी आँखों के आयने में 
झांख के ,

खुद को 
गौर से देखा होता 
तो ,

मुझे छोड़ के 
खुद से प्यार करने लगती  !

तो मेरा क्या होता  ?

क्या आँखों को कोसता  ?

लोग पूछते है ,

" क्या है 
  तेरे प्यार की पहचान  ? "

कैसे बताऊँ 
तेरा पता  ?

तू जो छिपी हो 
मेरी आँखों के रस्ते 
दिल की गहराइयो में  

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10  Feb  2017




Saturday, 4 February 2017

तुम्हे , कौन ढूंढता है आज ?




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क्या पढ़ेगा इसे कोई कल  ?

इन सवालो से 
लिखना छोड़ दू  ?

लिख रहा हू जो 
वो मेरी ही नहीं ,
दास्ताँ 
तेरी भी हैं  ;

जिसे तू न कर पायी बयां 
वो अमानत 
मेरी है  !

मेरी वफ़ा 
खुद के ख्यालों से हैं ,
आने वाले ज़मानों से नहीं !

जिन्हें 
जो मानना है 
मानने दो  !

हम तो उन्हें चाहते है 
जो हमे 
आज सराहते हैं  !

मेरे सिवा 
तुम्हे , कौन ढूंढता है 
आज  -
ये आज 
जो तुम्हारी 
आनेवाली कल थी  ?

मेरे जाने के बाद 
जो पल आएगी 
वो 
न मेरी 
न तेरी होगी  !

बहारे 
न ढूंढेगी तुझे 
ना मुझे  !

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05  Feb  2017




  

Thursday, 2 February 2017

क्या सुनती हो ?


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मैं इस पार 
तू उस पार ,

तय न कर पाए 
हमें कैसे ,
प्रेम की सरिता में 
 बहना था मझधार ;

तेरे अफसानो की कश्ती को 
मेरे अरमानो के 
पतवार बांधे ,

पर 
साहिल को कुछ और 
मंज़ूर था :

न हाथों से 
तेरे आँचल को पकड़ पाया ,

ना बाहों से , दामन  ;

आज भी तेरे 
जिस्म की खूशबू 
मेरे जिस्म को 
लपेटे हुए है ;

क्या सुनती हो ?

मेरी आहें 
तेरे दिल की 
टूटी हुयी दीवारोँ से 
टकरा रही हैं  !

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03  Feb  2017